रात के पिछले पहर की मीठी सर्दी मेरी आँखें चूम
आँखें चूम के थक जाए तू फिर भी मेरी आँखें चूम
शर्म कहाँ से ले आते हो इस का इश्क़ में कैसा काम
देख बरत मत मुझ से नरमी जानी मेरी आँखें चूम
लम्स लबों का जादूगर है जादू कर के छोड़ेगा
तू बस चुपके चुपके जल्दी जल्दी मेरी आँखें चूम
— Rashida Maheen Malik















