झूठों ने झूठों से कहा है सच बोलो
सरकारी एलान हुआ है सच बोलो
घर के अंदर तो झूठों की एक मंडी है
दरवाज़े पर लिखा हुआ है सच बोलो
गुलदस्ते पर यकजहती लिख रक्खा है
गुलदस्ते के अंदर क्या है सच बोलो
गंगा मइया डूबने वाले अपने थे
नाव में किस ने छेद किया है सच बोलो
— Rahat Indori















