अगरचे अब भी जुनूँ-ख़ेज़ दिल थमा नहीं है
पर अब किसी से मोहब्बत का सिलसिला नहीं है
ज़रा सी देर में सुख दुख नहीं बदलते हैं
किसी से हाथ मिलाने का फ़ाइदा नहीं है
मुझे ख़बर है मेरी राह मेरी अपनी है
मुझे पता है मेरा कोई रहनुमा नहीं है
मुझे यक़ीन दिलाओ कि मेरे साथ हो तुम
मुझे यक़ीन दिलाओ कि दिल भरा नहीं है
— Nivesh sahu















