सामने खड़ा हूँ मैं तू और मुझ पे वार कर
दिल तेरा अगर नहीं भरा हो मुझ को मार कर
रस्म ये तबाह कर रही है इक क़बीले को
मर्द बन रहे हैं लड़के लड़कियों को मार कर
प्यार ही सबब बना है इस लटकती लाश का
है अजब कि आप फिर भी कह रहे हैं प्यार कर
— Neeraj jha
दिल तेरा अगर नहीं भरा हो मुझ को मार कर
रस्म ये तबाह कर रही है इक क़बीले को
मर्द बन रहे हैं लड़के लड़कियों को मार कर
प्यार ही सबब बना है इस लटकती लाश का
है अजब कि आप फिर भी कह रहे हैं प्यार कर
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