तमाम शह्र को हुलिया बता दिया गया है
मिरे फ़रार को मुश्किल बना दिया गया है
बस एक ज़िद कि उसे देखना है बारे-दिगर
जो काम आए थे उस को भुला दिया गया है
मैं जाँनिसार हूँ या बे-वफ़ा बताओ मुझे
तुम्हें लहू का नमूना दिखा दिया गया है
बस उस को माँगता रहता हूँ घर में बैठे हुए
मुझे दु'आओं का चस्का लगा दिया गया है
हमें तलाशने वालों का रोक कर रस्ता
हमारे बारे तजस्सुस बढ़ा दिया गया है
— Nadir Ariz















