दर्द सीने में छुपाए रक्खा
हम ने माहौल बनाए रक्खा
मौत आई थी कई दिन पहले
उस को बातों में लगाए रक्खा
दश्त में आई बला टलने तक
शोर चिड़ियों ने मचाए रक्खा
वरना तारों को शिकायत होती
हम ने हर ज़ख़्म छुपाए रक्खा
काम दुश्वार था फिर भी दानिश
ख़ुद को आसान बनाए रक्खा
— Madan Mohan Danish















