सबने दिल से उसे उतारा था
वो मरी कब थी उस को मारा था
पैरों में गिरके जीता था जिस को
उस को पाने में ख़ुद को हारा था
तेरे मेरे में बट गया सब कुछ
एक टाइम था सब हमारा था
उस की यादों में दिल जले है अब
जिस का चेहरा नहीं गवारा था
मैं ने वो खोया जो मेरा नहीं था
तुम ने वो खोया जो तुम्हारा था
जीत सकता था उस से मैं कातिब
पर बड़े हौसले से हारा था
— Himanshi babra KATIB















