बात ऐसी है ऐसा था पहले

दर्द होने पे रोता था पहले

जैसे चाहे वो खेला करता था
मैं किसी का खिलौना था पहले

तुझ पे कितना भरोसा करता था
ख़ुद पे कितना भरोसा था पहले

आख़िरी रास्ते पे चलने को
पैर उस ने उठाया था पहले

अब तो तस्वीर तक नहीं बनती
मैं तो पैकर बनाता था पहले

रौशनी आई जब जला कोई
सबकी आँखों पे पर्दा था पहले

गिनती पीछे से की गई वरना
मेरा नंबर तो पहला था पहले

— Himanshi babra KATIB

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