झूटी ख़बरें गड़ने वाले झूटे शे'र सुनाने वाले
लोगों सब्र कि अपने किए की जल्द सज़ा हैं पाने वाले
दर्द आँखों से बहता है और चेहरा सब कुछ कहता है
ये मत लिक्खो वो मत लिक्खो आए बड़े समझाने वाले
ख़ुद काटेंगे अपनी मुश्किल ख़ुद पाएँगे अपनी मंज़िल
राहज़नों से भी बदतर हैं राहनुमा कहलाने वाले
उन से प्यार किया है हम ने उन की राह में हम बैठे हैं
नामुम्किन है जिन का मिलना और नहीं जो आने वाले
उन पर भी हंसती थी दुनिया आवाज़ें कसती थी दुनिया
'जालिब' अपनी ही सूरत थे इश्क़ में जांसे जाने वाले
— Habib Jalib















