जो सितारे क़मर से पूछते हैं
हम तुम्हारी नज़र से पूछते हैं
लोग अब तो सवाल बच्चों से
कितनी दहशत से डर से पूछते हैं
तुम ने एहसाँ किया ही क्या हम पर
ज़र्द पत्ते शजर से पूछते हैं
और जाएँ तो अब कहाँ जाएँ
हम तुम्हारे ही दर से पूछते हैं
दिन तो देता नहीं कोई उत्तर
रात के ही पहरस पूछते हैं
भूल बैठी है रास्ता कैसे
आओ चल कर सहरस पूछते हैं
साथ रह कर भी हाल मेरा वो
रेडियो की ख़बर से पूछते हैं
— Nazar Dwivedi















