पुकारता हूँ मैं अल-अमान अल-अमान अल्लाह

बचा ले मेरे यक़ीनुल्लाह की जान अल्लाह

वो जिन को तू ने अता किया है जहान अल्लाह
बना रहे हैं तिरे लिए ही मकान अल्लाह

वो याद आता है सिर्फ़ यारों के पूछने पर
तू याद आता है सिर्फ़ वक़्त-ए-अज़ान अल्लाह

तिरे तग़ाफ़ुल की ही बदौलत हूँ आज जो हूँ
मुझे कोई जन्म-जात काफ़िर न जान अल्लाह

मैं जब वो जन्नत भी छोड़ आया तो दुनिया क्या है
ले मैं चला तू सँभाल अपना जहान अल्लाह

— Charagh Sharma

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