साथ नाकामी लिए फिरते हैं हम
आप को या'नी लिए फिरते हैं हम
तू कभी हम को कहीं मिल तो सही
तिश्नगी पानी लिए फिरते हैं हम
मौत आने तक तलाशेंगे उसे
ज़िंदगी जिस की लिए फिरते हैं हम
— Anant Gupta
आप को या'नी लिए फिरते हैं हम
तू कभी हम को कहीं मिल तो सही
तिश्नगी पानी लिए फिरते हैं हम
मौत आने तक तलाशेंगे उसे
ज़िंदगी जिस की लिए फिरते हैं हम
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