आखिरश पाक हो गया क़िस्सा
ख़ाक था ख़ाक हो गया क़िस्सा
खा रहा है जने हुए अपने
कितना सफ़्फ़ाक हो गया क़िस्सा
अब बचा हूँ मैं आख़िरी किरदार
अब खतरनाक हो गया क़िस्सा
— Ammar Iqbal
ख़ाक था ख़ाक हो गया क़िस्सा
खा रहा है जने हुए अपने
कितना सफ़्फ़ाक हो गया क़िस्सा
अब बचा हूँ मैं आख़िरी किरदार
अब खतरनाक हो गया क़िस्सा
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