मोहब्बत मोहब्बत जवानी जवानी
दिलों का फ़साना नज़र की कहानी
निगाहों को दो इज़्न-ए-अफ़्साना-गोई
मुरत्तब करो कोई रंगीं कहानी
ये आँसू हैं तुम खेल सकते हो इन से
सितारे न समझो इन्हें आसमानी
ग़मों के सहारे जिए जा रहा हूँ
तिरा दर्द है हासिल-ए-ज़िंदगानी
हसीं फ़ुर्सतें हों मुयस्सर तो सुन लो
नज़र में लिए फिर रहा हूँ कहानी
तसव्वुर से माँगी है 'अलताफ़' मैं ने
बहारों में डूबी हुई इक जवानी
— Altaf Mashhadi















