अगर वो पूछे कोई बात क्या बुरी लगी है
ज़ियादा सोचना मत बोल देना जी लगी है
बुरी लगी तिरी मौजूदगी क्लास में आज
कि मेरे बोले बिना तेरी हाज़िरी लगी है
उसे मनाते मनाते मैं रूठने लगा था
फिर उस ने पूछ लिया फ़िल्म कौन सी लगी है
ऐ मौत ठहर ज़रा सब्र कर क़तार में देख
कि तुझ से आगे बहुत आगे ज़िंदगी लगी है
घड़ी में वक़्त घटाते हुए मैं भूल गया
कि यार उस की भी दीवार पर घड़ी लगी है
— Ahmad Azeem















