इस सोच का क़ब्ज़ा मेरे इदराक पे होनाअफ़लाक पे होने के लिए ख़ाक पे होनादुनिया मुझे पूछे कि ये ख़ुशबू है किधर कीऔर मेरा ख़याल आप की पोशाक पे होना— Ahmad Abdullah