@ahmad-abdullah
Ahmad Abdullah shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ahmad Abdullah's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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मेरे तोहफ़ों ने मोहब्बत का भरम तोड़ दिया
चूड़ियाँ तंग निकल आई हैं और हार खुले
तनक़ीद न तक़रार बड़ी देर से चुप हैं
हैरत है मेरे यार बड़ी देर से चुप हैं
गूँगों को तकल्लुक़ के मवाक़े हैं मयस्सर
हम माहिर-ए-गुफ़्तार बड़ी देर से चुप हैं
बात यूँ है कि ज़माने में बहारों का भरम
आपके नाम से है आप मेरे नाम से हो
इतनी रौशन तो कोई चीज़ नहीं होती है
आप शायद किसी सय्यारा-ए-गुमनाम से हो
इस सोच का क़ब्ज़ा मेरे इदराक पे होना
अफ़लाक पे होने के लिए ख़ाक पे होना
दुनिया मुझे पूछे कि ये ख़ुशबू है किधर की
और मेरा ख़याल आपकी पोशाक पे होना