
तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता
चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता
मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में
जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ सोचा नहीं जाता
— Abrar Kashif
Other sher from the same pen
Shers of mohabbat shayari collection.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling