कुछ अधूरे से ख़्वाब मिलते हैं
प्यार में बस अज़ाब मिलते हैं
हम ने दरिया निचोड़ डाला है
उस को आँखों से आब मिलते हैं
उम्र भर प्यार कौन करता है
वक़्त रहते गुलाब मिलते हैं
चैट पे कब तलक गुज़ारें दिन
उस ने बोला जनाब मिलते हैं
देखने को जिसे चला आया
वो पहन कर हिजाब मिलते हैं
— Tiwari Jitendra















