मेरा सपना देखना सर फोड़ देगा
अब तमाशा देखना सर फोड़ देगा
एक मुद्दत से ख़सारे में रहा हूँ
अब मुनाफ़ा देखना सर फोड़ देगा
रंग भरने को दर-ओ-दीवार पर आज
वो दिवाना देखना सर फोड़ देगा
कर रहा है आरज़ू दरवेश बच्चा
अब सितारा देखना सर फोड़ देगा
आने दे ज़िंदान-ए-दिल में अपने वरना
ये परिंदा देखना सर फोड़ देगा
चाँद जब बादल उतारेगा बदन से
वो दरीचा देखना सर फोड़ देगा
देखने को रुख़ ज़मीं का उस तरफ़ से
इक सितारा देखना सर फोड़ देगा
आज अपने पेट के ख़ातिर किसी का
एक बच्चा देखना सर फोड़ देगा
— komal selacoti















