दे चुके हैं, सब मुबारक ईद की मुझ को

बोल दे तू भी तो मेरी ईद पूरी हो

रब रखें जोड़े सलामत, सब मुहब्बत के
रब करें पूरी कहानी, जो अधूरी हो

ये दुआ है, चाहता हूँ पूरी हो जाए
ये दुआ है, सीने से मुझ को लगा ले वो

जाएँगे फिर हम कहाँ ? हम तेरे अपने हैं
याद कर ले पहले उन को, जो ज़रूरी हो

छोड़ दो ग़ुस्सा मैं माफ़ी माँगता हूँ दोस्त
पर ज़रा तुम भी तो मेरी बात को समझो

इतना तू करता नहीं जितना सुनाता है
वो मदद भी क्या मदद है? जो सुना के दो

जानता हूँ प्यार सच्चा है तेरा, फिर भी
चाहता हूँ ये मुझे लिख कर कहीं दे दो

मैं ने सारा दुख 'सलीम' अब भूल जाना है
तुम भी उस लड़की को आने से मना कर दो

— BR SUDHAKAR

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