मैं क्या नया करूँगा देकर गुलाब उस को
जब गुल तमाम कहते हैं लाजवाब उस को
वो मिल गया है जिस को मदहोश है वो यारो
बरसों के प्यासे तो हैं कहते सराब उस को
वो आबिदों की जैसे है इल्तिमास कोई
और रिंद बा-सफ़ा भी कहते शराब उस को
— Sohit Singla
जब गुल तमाम कहते हैं लाजवाब उस को
वो मिल गया है जिस को मदहोश है वो यारो
बरसों के प्यासे तो हैं कहते सराब उस को
वो आबिदों की जैसे है इल्तिमास कोई
और रिंद बा-सफ़ा भी कहते शराब उस को
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