
उसे क्या ही पता होगा इबादत किस को कहते है
मुझे पूछा जो करती थी मोहब्बत किस को कहते है
सभी वादें सभी क़स
में सनम निकले महज़ क़िस्से
तसव्वुर से मैं ने सीखा हक़ीक़त किस को कहते है
— SIDDHARTH SHARMA
Other sher from the same pen
Shers of mehboob.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling