ग़ज़ल को मौजू नया दो बहुत उदास हूँ मैंइसे रदीफ़ बना दो बहुत उदास हूँ मैंभला ये कौन सदा दे रहा है रो रो करकोई शजर को बता दो बहुत उदास हूँ मैं— Shajar Abbas