ऐसा तो नहीं है कि ज़माना नहीं बदला
आ देख मगर तेरा दिवाना नहीं बदला
जो बात हक़ीक़त थी वही बात बताई
पाने के लिए दाद फ़साना नहीं बदला
शायद वो मुलाक़ात को आ जाए किसी रोज़
ये सोच के ही मैं ने ठिकाना नहीं बदला
— Saif Dehlvi
आ देख मगर तेरा दिवाना नहीं बदला
जो बात हक़ीक़त थी वही बात बताई
पाने के लिए दाद फ़साना नहीं बदला
शायद वो मुलाक़ात को आ जाए किसी रोज़
ये सोच के ही मैं ने ठिकाना नहीं बदला
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