कभी भी उस ने मुझे ना पागल नहीं बनाया

हाँ क्या झगड़ना तो बात है कल नहीं बनाया

जहाँ भी जाती मुझे हमेशा ही साथ रखती
ग़लत है मुझ को ख़ुदा ने काजल नहीं बनाया

मुझे भी ख़्वाहिश कभी अकेले गले लगाए
इसीलिए दोस्ती का सर्कल नहीं बनाया

कहाँ से तस्वीर ये मुकम्मल सी दिख रही है
अभी ये आँखें हैं सिर्फ़ डिम्पल नहीं बनाया

— Piyush Sharma

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