घरों में पुराने दरीचे मिलेंगे

वहाँ से दिखे तो बग़ीचे मिलेंगे

हवा का हवाला बताया गया है
परिंदे सलाख़ों के पीछे मिलेंगे

दुबारा गया था वही राह पर तू
कहा था कि आगे गलीचे मिलेंगे

सितारों की लाशें छुपाते रहे ना
निगाहें कभी ये न भींचे मिलेंगे

ख़ुदा ने बनाया सजाया जहाँ को
बहाना बनाया कि नीचे मिलेंगे

सुकूँ ही इसी बात से है कि मेरे
मिरे नाम पर तीर खींचे मिलेंगे

— Nikhil Tiwari 'Nazeel'

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