बात इतनी तो मेरी मान बड़ा अच्छा है

तेरा लहजा ये मेरी जान बड़ा अच्छा है

तेरे चेहरे के सिवा कोई न देखूँ चेहरा
तेरी जानिब से ये फ़रमान बड़ा अच्छा है

ऐसी बातों से हमें कोई सरोकार नहीं
अच्छी गीता है कि क़ुरआन बड़ा अच्छा है

उस के कहने पे जलाई गई सारी बस्ती
तेरा कहना है कि सुलतान बड़ा अच्छा है

— Monis faraz

More by Monis faraz

Other ghazal from the same pen

See all from Monis faraz →

Chehra Shayari

Shers of chehra.

All Chehra Shayari poetry →

Similar writers

Voices in the same orbit

Browse by mood

Poetry by feeling