तेरे गले सदा लगा
तब भी तुझे बुरा लगा
तेरा पता उसी तरफ़
मेरा कभी पता लगा
वो दुख अभी भरा नहीं
फिर से ज़रा दवा लगा
अच्छा मेरे लिए कभी
मस्जिद में भी दुआ लगा
मैं घर रुका नहीं कभी
मुझ को भला-बुरा लगा
बहती रही जहाँ नदी
मेरा अता-पता लगा
— Mohammad Bilal
तब भी तुझे बुरा लगा
तेरा पता उसी तरफ़
मेरा कभी पता लगा
वो दुख अभी भरा नहीं
फिर से ज़रा दवा लगा
अच्छा मेरे लिए कभी
मस्जिद में भी दुआ लगा
मैं घर रुका नहीं कभी
मुझ को भला-बुरा लगा
बहती रही जहाँ नदी
मेरा अता-पता लगा
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