क़त्ल करने के लिए तैयार है
और उस के हाथ में हथियार है
रूठ जाता है ज़रा सी बात से
और हद से ज़्यादा करता प्यार है
ख़त्म होने को नहीं आती कभी
उस के मेरे बीच की दीवार है
देख कर हालत हमारी रो रहा
क्या करे भगवान भी लाचार है
उस से कहना मिलने को आए मुझे
आज कल दीपक बहुत बीमार है
— DEEPAK CHATURVEDI















