ग़मों की दवा दो मुझे अब
ज़रा तुम दुआ दो मुझे अब
किया जुर्म मैं ने अगर ये
यहीं फिर सज़ा दो मुझे अब
छुपाओ नहीं राज़दाँ कुछ
हक़ीक़त बता दो मुझे अब
मुझे वो मुहब्बत मिले भी
उसी का पता दो मुझे अब
सुकूँ है किधर अब यहाँ पर
ज़रा सा दिखा दो मुझे अब
बुरा यार जो लग रहा हूँ
इसी पल मिटा दो मुझे अब
— Azhan 'Aajiz'















