"कच्ची उम्र के प्यार"
ये कच्ची उम्र के प्यार भी बड़े पक्के निशान देते हैं
आज पर कम ध्यान देते हैं बहके बहके बयान देते हैं
उन को देखे हुए मुद्दत हुई और हम, अब भी जान देते हैं
क्या प्यार एक बार होता है
नहीं! ये बार-बार होता है
तो फिर क्यूँ किसी एक का इंतिज़ार होता है
वही तो सच्चा प्यार होता है
अच्छा! प्यार भी क्या इंसान होता है?
कभी सच्चा कभी झूठा बे-ईमान होता है
उस की रगों में भी क्या ख़ानदान होता है
और मक़्सद-ए-हयात नफ़ा नुक़्सान होता है
प्यार तो प्यार होता है
— Yasra rizvi















