तपता सूरज आजकल किसी को नहीं चाहिएसभी को हमेशा चाँद की चांदनी चाहिएमुफ़लिसों से रिश्ता अब रखता नहीं कोईसब को साथ में आदमी ख़ानदानी चाहिए— Yashvardhan Jain