10
1 Like
अश्क आँखों में ला नहीं सकते
ज़ख़्म तुम को दिखा नहीं सकते
Read Fullज़ख़्म तुम को दिखा नहीं सकते
9
1 Like
ख़ुदा हिस्सों में किस ने बाँटी ज़मीं
तू महदूद कर दे सरकती ज़मीं
तू महदूद कर दे सरकती ज़मीं
ज़मीं इश्क़ करती है महताब से
अमावस की शब में तड़पती ज़मीं
कभी चाँद मिलने को आता है पास
कभी चाँद के पास जाती ज़मीं
नहीं सोचता कोई उन के लिए
किसानों को बहला के लूटी ज़मीं
बहुत ऊँची है ये इमारत सुनो
खड़ी है जहाँ पे है किस की ज़मीं
ज़मीं दिल की जबसे हुई रेगज़ार
बहारों के बिन अब मचलती ज़मीं
सनम बेवफ़ाई का है ये सबब
हिला दी है तुम ने तो मेरी ज़मीं
8
1 Like
3
1 Like










