बेचैन फिरता हूँ मैं अक्सर ख़्वाब में
    होती नहीं आबाद मेरी नींद भी

    Piyush Mishra 'Aab'
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    काम मुश्क़िल नहीं है ज़रा भी मगर
    दिल बड़ा चाहिए आशिक़ी के लिए

    Piyush Mishra 'Aab'
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    शाम थी हिज्र की हाल मत पूछना
    आँख थकने लगे तो जिगर रो पड़े

    Piyush Mishra 'Aab'
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    लग गई नौकरी, पर नहीं था पता
    बेच कर ख़्वाब, ख़र्चा चलेगा नहीं

    Piyush Mishra 'Aab'
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    मिलना मुक़द्दर में लिखा है जान लो
    है गोल ये दुनिया कहा करते हैं सब

    Piyush Mishra 'Aab'
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    तुझे देखना है हमें एक मुद्दत
    घड़ी दो घड़ी देख कर क्या करेंगे

    Piyush Mishra 'Aab'
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    ग़ैरों के सहारे का मोहताज नहीं हूँ मैं
    मुझको गिर कर उठने की आदत है यारों

    Piyush Mishra 'Aab'
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    सुबह की सुर्ख़ लाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ
    अमावस रात काली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    तुम्हारा ही असर है सब यहाँ हर बाग़ है रौशन
    कली गुल और डाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    सुबह होती नहीं मेरी तुम्हें सोचूँ नहीं जब तक
    सुबह की चाय प्याली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    सजाया है तुम्हें दुल्हन सरीखे ख़्वाब में अपने
    मैं नथ में और बाली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    नहीं हूँ देखता यूँ तो तुम्हारे ख़्वाब मैं अक्सर
    मगर मैं बे-ख़याली में तुम्हारा नाम लिखता हूँ

    Piyush Mishra 'Aab'
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    काम के बाद भी चैन कैसा मुझे
    आ गयी नींद सपने सताने लगे

    Piyush Mishra 'Aab'
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    रात का है ये सबब कैसे बताएँ हम तुम्हें
    नींद आती है नहीं, बस लेट जाते हैं ज़रा

    Piyush Mishra 'Aab'
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