ये लगभग ग़ैर-मुमकिन है ख़ुदाया पर निकल जाए
चराग़ों के दिमाग़ों से हवा का डर निकल जाए
चराग़ों के दिमाग़ों से हवा का डर निकल जाए
इसी डर से सफ़र भर में कहीं आँखें नहीं झपकी
कहीं ऐसा न हो ग़लती से तेरा घर निकल जाए
तरीक़ा एक ही है बस सुकूँ पाने का दुनिया में
यहाँ से दिल निकल जाए यहाँ से सर निकल जाए
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अपना पूरा ज़ोर लगा कर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
नफ़रत की दीवार गिरा कर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
नफ़रत की दीवार गिरा कर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
इश्क़ के मुनकिर पूछ रहे हैं पहले गर्दन देगा कौन
अब तो दोनों हाथ उठा कर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
तेरी चुप्पी ये साबित कर देगी कि तू बुज़दिल है
वरना आँख से आँख मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
इस धरती से उस अंबर तक एक ही नारा गूँजेगा
मेरे संग आवाज़ मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
Read Fullअब तो दोनों हाथ उठा कर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
तेरी चुप्पी ये साबित कर देगी कि तू बुज़दिल है
वरना आँख से आँख मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
इस धरती से उस अंबर तक एक ही नारा गूँजेगा
मेरे संग आवाज़ मिलाकर बोल मोहब्बत ज़िन्दाबाद
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हर मंज़र पर जश्न मनाने नाचने गाने वाले लोग
इक मुद्दत से चुप बैठे हैं शोर मचाने वाले लोग
इक मुद्दत से चुप बैठे हैं शोर मचाने वाले लोग
हम दोनों को समझाऍंगे डॉंटेंगे फटकारेंगे
हम दोनों को कब समझेंगे ये समझाने वाले लोग
इश्क़ क़ैस फ़रहाद रोमियो जैसे ही कर सकते हैं
हम तो ठहरे दस से छह तक ऑफ़िस जाने वाले लोग
कुछ चीज़ों का इस दुनिया में कोई नेमुल बदल नहीं है
कैसे चाँद से काम चलाऍं तुझ को देखने वाले लोग
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