10
63 Likes
ये दिल मलूल भी कम है उदास भी कम है
कई दिनों से कोई आस पास भी कम है
कई दिनों से कोई आस पास भी कम है
हमें भी यूँ ही गुजरना पसंद है और फिर
तुम्हारा शहर मुसाफ़िर-शनास भी कम है
9
33 Likes
8
35 Likes
6
47 Likes
कहा मैं कहाँ हो तुम
जवाब आया जहाँ हो तुम
जवाब आया जहाँ हो तुम
मिरे जीवन से ज़ाहिर हो
मिरे ग़म में निहाँ हो तुम
मिरी तो सारी दुनिया हो
मिरा सारा जहाँ हो तुम
मिरी सोचों के मेहवर हो
मिरा ज़ोर-ए-बयाँ हो तुम
मैं तो लफ़्ज़-ए-मोहब्बत हूँ
मगर मेरी ज़बाँ हो तुम
5
8 Likes
4
8 Likes
इसी से होता है ज़ाहिर जो हाल दर्द का है
सभी को कोई न कोई वबाल दर्द का है
सभी को कोई न कोई वबाल दर्द का है
सहर सिसकते हुए आसमान से उतरी
तो दिल ने जान लिया ये भी साल दर्द का है
ये झाँक लेती है दिल से जो दूसरे दिल में
मेरी निगाह में सारा कमाल दर्द का है
अब इस के बा'द कोई राब्ता नहीं रखना
ये बात तय हुई लेकिन सवाल दर्द का है
ये दिल ये उजड़ी हुई चश्म-ए-नम ये तन्हाई
हमारे पास तो जो भी है माल दर्द का है
न तुम में सुख की कोई बात है न मुझ में है
तुम्हारा और मेरा मिलना विसाल दर्द का है
किसी ने पूछा के 'फ़रहत' बहुत हसीन हो तुम
तो मुस्कुरा के कहा सब जमाल दर्द का है
3
15 Likes
2
73 Likes
1
6 Likes










