Ali Zaryoun

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    कोई शहर था जिसकी एक गली
    मेरी हर आहट पहचानती थी

    मेरे नाम का इक दरवाज़ा था
    इक खिड़की मुझको जानती थी

    Ali Zaryoun
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    पागल कैसे हो जाते हैं
    देखो ऐसे हो जाते हैं

    ख़्वाबों का धंधा करती हो
    कितने पैसे हो जाते हैं

    दुनिया सा होना मुश्किल है
    तेरे जैसे हो जाते हैं

    मेरे काम ख़ुदा करता है
    तेरे वैसे हो जाते हैं

    Ali Zaryoun
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    कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ
    मैं पहली मर्तबा मिलने में सबको ऐसा लगता हूँ

    ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो
    वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

    Ali Zaryoun
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    सब कर लेना लम्हें जाया मत करना
    गलत जगह पर जज्बे जाया मत करना

    इश्क़ तो नियत की सच्चाई देखता है
    दिल ना दुखे तो सजदे जाया मत करना

    सादा हूं और ब्रैंड्स पसंद नहीं मुझ को
    मुझ पर अपने पैसे जाया मत करना

    रोजी-रोटी देश में भी मिल सकती है
    दूर भेज के रिश्ते जाया मत करना

    Ali Zaryoun
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    ज़ने हसीन थी और फूल चुन कर लाती थी
    मैं शेर कहता था, वो दास्ताँ सुनाती थी

    अरब लहू था रगों में, बदन सुनहरा था
    वो मुस्कुराती नहीं थी, दीए जलाती थी

    "अली से दूर रहो", लोग उससे कहते थे
    "वो मेरा सच है", बहुत चीख कर बताती थी

    "अली ये लोग तुम्हें जानते नहीं हैं अभी"
    गले लगाकर मेरा हौसला बढ़ाती थी

    ये फूल देख रहे हो, ये उसका लहजा था
    ये झील देख रहे हो, यहाँ वो आती थी

    मैं उसके बाद कभी ठीक से नहीं जागा
    वो मुझको ख्वाब नहीं नींद से जगाती थी

    उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था
    ये बात मुझसे ज़्यादा उसे रूलाती थी

    मैं कुछ बता नहीं सकता वो मेरी क्या थी "अली"
    कि उसको देखकर बस अपनी याद आती थी

    Ali Zaryoun
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    जो इस्म-ओ-जिस्म को बाहम निभाने वाला नही
    मैं ऐसे इश्क़ पर ईमान लाने वाला नहीं

    मैं पांव धोके पियूं, यार बनके जो आए
    मुनाफ़िक़ों को तो मैं मुंह लगाने वाला नहीं

    बस इतना जान ले ऐ पुर-कशिश के दिल तुझसे
    बहल तो सकता है पर तुझ पे आने वाला नहीं

    तुझे किसी ने गलत कह दिया मेरे बारे
    नहीं मियां मैं दिलों को दुखाने वाला नहीं

    सुन ऐ काबिला-ए-कुफी-दिलाँ मुकर्रर सुन
    अली कभी भी हजीमत उठाने वाला नहीं

    Ali Zaryoun
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    चादर की इज्जत करता हूं और पर्दे को मानता हूं
    हर पर्दा पर्दा नहीं होता इतना मैं भी जानता हूं

    सारे मर्द एक जैसे हैं तुमने कैसे कह डाला
    मैं भी तो एक मर्द हूं तुमको खुद से बेहतर मानता हूं

    मैंने उससे प्यार किया है मिल्कियत का दावा नहीं
    वो जिसके भी साथ है मैं उसको भी अपना मानता हूं

    चादर की इज्जत करता हूं और पर्दे को मानता हूं
    हर पर्दा पर्दा नहीं होता इतना मैं भी जानता हूं

    Ali Zaryoun
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    उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था
    ये बात मुझसे ज़ियादा उसे रुलाती थी

    Ali Zaryoun
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    मैंने उससे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ
    वो जिसके भी साथ है मैं उसको भी अपना मानता हूँ

    Ali Zaryoun
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    तेरी ख़ुशियों का सबब यार कोई और है ना
    दोस्ती मुझसे है और प्यार कोई और है ना

    Ali Zaryoun
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