10
1 Like
वकीलों से फ़रेबी की क़बीलों से बग़ावत की
निगाहों को पढ़ा जिस ने उसे दिल से मुहब्बत की
निगाहों को पढ़ा जिस ने उसे दिल से मुहब्बत की
ख़ुदा भी बोल बैठा ये ग़ज़ब अपवाद है प्यारे
बताओ कौन है जिस ने मोहब्बत में शिकायत की
परख के देख ले जो माँग अपनी जान रख दूँगा
ज़रा सा मुस्कुरा दे माँ न कर तू बात क़ीमत की
बहाते आँख से मोती लड़ाते दाल से रोटी
ग़रीबों को हमेशा से सज़ा मिलती इबादत की
सड़क पे आबरू को नोचती बाज़ार गीदड़ है
जलाती याद में फिर मोम-बत्ती चार लानत की
जिन्हें भी देखने का शौक़ है उन को दिखाऊँगा
बिछा के लाश सिक्कों की बना शमशान दौलत की
पली है ज़िंदगी सबकी मिली जो भीख बादल से
जहाँ में कौन करता क़द्र बूॅंदों की इनायत की
8
1 Like
7
1 Like
6
1 Like
यार सपने देख के मैं डर न जाऊँ
राह तकते मैं अचानक मर न जाऊँ
राह तकते मैं अचानक मर न जाऊँ
है तमन्ना रब बनाऊँ मैं बड़ा घर
घर बने जो फिर कभी मैं घर न जाऊँ
चाल दुर्योधन नहीं शकुनी चले है
डर मुझे है हार फिर चौसर न जाऊँ
हार के ऐसा लगे अब क्या करेंगे
कामयाबी के लगा लंगर न जाऊँ
लोग छेड़ेंगे वहाँ फिर बात उस की
बस यही मैं सोच के दफ़्तर न जाऊँ
आप जो दिल के बगल में दिल रखेंगे
बन कही मैं आप का दिलबर न जाऊँ
इश्क़ के सोहबत रहे तो लग रहा है
बन कहीं मैं आदमी बेहतर न जाऊँ
5
1 Like
सुर्ख़ आँखों और काजल में ठनी है
पाँव के भी पायलों में सनसनी है
पाँव के भी पायलों में सनसनी है
बाल गीले ख़ूब आँचल जँच रही है
माथ बिंदी और पहने करधनी है
ओट में से ताकते मेरे बने है
दाँत से अंगुल दबाते तर्जनी है
चौखटों पर दीप उस के नाम का है
कीट भौंरे कह रहे वो कुंदनी है
रात में जग कर मुझे वो याद करती
रातरानी फूल है वो यामिनी है
यार चक्कर आ रहा बी पी हुआ कम
वो दवा है बात उस की चाशनी है
फिर नशे में मस्त हो के नाचता दिल
जो परी-रुख़ अप्सरा मेरी बनी है
4
1 Like
2
1 Like









