"मैं ने देखा"

मैं ने देखा ख़ुश रहने की मुर्दा हवस के मारे हुए कुछ लोग थे
जो तस्वीरों की झूठी दुनिया में सच्ची मोहब्बत ढूँढ़ रहे थे
उन से कहना ऐसे किसी का दिल भरता है
ज़ेहन पे कोई फिल्टर काम नहीं करता है
मैं ने देखा इस दुनिया में सारे लोग बहुत झूठे हैं
और मैं उन से ज़्यादा झूठा
आख़िर एक दिन सपना टूटा
फिर तो जैसे एक एक कर के सब कुछ छूटा
मैं ने देखा आग नहाई आँखों के पीछे एक शख़्स का बिखरा दिल था
जो फिर धड़केगा या नहीं कहना मुश्किल था
मैं ने देखा कैसे हसीं ख़्वाबों की इमारत एक झटके में ढह जाती है
मैं ने देखा कैसे किसी की मौत भी बस एक इंस्टाग्राम स्टोरी बनकर रह जाती है
नज़्म को सुन कर ये न समझना मैं सब पर अपनी कोई ज़ाती राय बना रहा हूँ
मैं फ़नकार हूँ सब कुछ देखता रहता हूँ और जो देखा है जैसा देखा वो मैं तुम को बता रहा हूँ

— Vikram Gaur Vairagi

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