नाप रहा था एक उदासी की गहराईहाथ पकड़कर वापस लाई है तन्हाईवस्ल दिनों को काफ़ी छोटा कर देता हैहिज्र बढ़ा देता है रातों की लम्बाई— Tanoj Dadhich