
तसव्वुर तजरबा तेवर तमन्ना और तन्हाई
मिलेंगे फूल सब इस
में ग़ज़ल गुलदान है यारों
पढ़ाई नौकरी शादी फिर उस के बा'द दो बच्चे
हमारी ज़िन्दगी इतनी कहाँ आसान है यारों
— Tanoj Dadhich
Other sher from the same pen
Shers of gulshan.
Voices in the same orbit
Poetry by feeling