बहुत अच्छा हुआ तो क्या करोगी
ज़रा रूठोगी या शिकवा करोगी
मिरे हालात समझोगी अगर तुम
मिरी जानाँ मुझे बोसा करोगी
हवाएँ आ रही हैं ये कहाँ से
अकेले में किसे पूछा करोगी
अगर होता यक़ीं मुझ पर जरा सा
तुम्हें लगता था क्या ऐसा करोगी
मुसाफ़िर जा रहा है हाथ ख़ाली
अता करना है या रुस्वा करोगी
सज़ा होनी है अब इक बेगुनाह को
सुनो ऐसे में क्या सज्दा करोगी
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