Hunar Shayari
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Hunar Shayari

    अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा
    ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है

    Bhaskar Shukla
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    मैं भी बहुत अजीब हूँ इतना अजीब हूँ कि बस
    ख़ुद को तबाह कर लिया और मलाल भी नहीं

    Jaun Elia
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    जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं
    वही दुनिया बदलते जा रहे हैं

    Jigar Moradabadi
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    जो उन मासूम आँखों ने दिए थे
    वो धोके आज तक मैं खा रहा हूँ

    Firaq Gorakhpuri
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    मोहब्बत के घरों के कच्चे-पन को ये कहाँ समझें
    इन आँखों को तो बस आता है बरसातें बड़ी करना

    Waseem Barelvi
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    मैं जिसे प्यार का अंदाज़ समझ बैठा हूँ
    वो तबस्सुम वो तकल्लुम तिरी आदत ही न हो

    Sahir Ludhianvi
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    कुछ इशारा जो किया हम ने मुलाक़ात के वक़्त
    टाल कर कहने लगे दिन है अभी रात के वक़्त

    Insha Allah Khan
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    जो मेरे साथ मोहब्बत में हुई आदमी एक दफा सोचेगा
    रात इस डर में गुजारी हमने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा

    Tehzeeb Hafi
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    ईद आई तुम न आए क्या मज़ा है ईद का
    ईद ही तो नाम है इक दूसरे की दीद का

    Unknown
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    मैं चाहता हूँ इक मुसलमां दोस्त हो मेरा
    मेरे मकाँ में ईद हो उसके दिवाली हो

    Siddharth Saaz
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    अब फ़क़त साँसे बचीं हैं दोस्तों
    हम तो कब का ज़िंदगी से मर गए

    Shadab Asghar
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    हसीन लड़कियाँ ख़ुश्बूएँ चाँदनी रातें
    और इनके बाद भी ऐसी सड़ी हुई दुनिया

    Ameer Imam
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    तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं
    एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं

    Qateel Shifai
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    ए'तिबार आता नहीं तो आज़मा के देख ले
    हम तेरे सब चाहने वालों में अव्वल आएँगे

    Nadir Ariz
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    हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
    दिल हमेशा उदास रहता है

    Bashir Badr
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    मैं हूँ दिल है तन्हाई है
    तुम भी होते अच्छा होता

    Firaq Gorakhpuri
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    ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब
    ऐश की तरह अगर ग़म भी गवारा होता

    Akhtar Shirani
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    ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे
    ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का

    Javed Akhtar
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    बैठे बैठे फेंक दिया है आतिश-दान में क्या क्या कुछ
    मौसम इतना सर्द नहीं था जितनी आग जला ली है

    Zulfiqar aadil
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    ज़मीं का जल कभी बादल रहा है
    तमाशा ज़िन्दगी का चल रहा है

    Umesh Maurya
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