@Dr_Shayar
Shadab Asghar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shadab Asghar's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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दवाई बन नहीं पाई अभी तक
पहेली है वो बीमारी अभी तक
कोई अब पूछने वाला नहीं है
ये रोटी क्यों नहीं खाई अभी तक
पिताजी कल ये कह के रो पड़े हैं
कुँवारी है बहन बड़की अभी तक
मुहब्बत कर ही लेता हूं नई मैं
यही आदत नहीं छूटी अभी तक
ख़ुदा जाने मिरी मिस्टेक क्या है
वो लड़की मुझसे है रूठी अभी तक
चाहे जीतनी भले ही देरी हो
इक़ दुआ है कभी तो पूरी हो
काश हम तुम से हक़ से कह पाते
जान ए जॉ तुम तो सिर्फ़ मेरी हो
मुफ़लिस हैं बेचारे हैं हम
देखो इश्क़ के मारे हैं हम
जीत ली हमने हर इक दुनिया
जब से इश्क़ में हारे हैं हम
बिछड़ते वक़्त भी हिम्मत नहीं जुटा पाया
कभी भी उस को गले से नहीं लगा पाया
किसी को चाहते रहने की सज़ा पाई है
मैं चार साल में लड़की नहीं पटा पाया
जितने भी हैं ज़ख़्म तुम्हारे सिल देगी
होटल में खाने का आधा बिल देगी
सीधे मुंह जो बात नहीं करती है जो
तुमको लगता है वो लड़की दिल देगी
तलाश हम को किसी भी बदन की है ही नहीं
हवस की भूख हमारे ज़ेहन की है ही नहीं
किसी से बिछड़े तो कोई फ़ना नहीं होता
क़ज़ा की बात तो अब के ज़मन की है ही नहीं
पराए मुल्क़ में पैसा नहीं बनाऊँगा
मैं तुम को छोड़ के दुनियां नहीं बनाऊँगा
मैं अपने शौक पुराउंगा अपने पैसों से
ज़मीन बेच के बंगला नहीं बनाऊंगा
कटी उम्र सारी वफ़ा करते करते
किसी की मुहब्बत अदा करते करते
वो थकता नहीं है ज़फा करते करते
मैं थकती नहीं हूं दुआ करते करते
कलेंडर, दिन ,महीने साल बदले और इक मैं हूँ
मुझे कल भी मुहब्बत थी, मुझे अब भी मुहब्बत है