Siddharth Saaz

Siddharth Saaz

@Saaznaama

Siddharth Saaz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Siddharth Saaz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

61

Content

100

Likes

2453

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm

इक लड़का शब्दों का जाल बिछाता है
और इक लड़की ख़्वाब पिरोने लगती है

Siddharth Saaz
50 Likes

तेरा मोहब्बत से हार जाना
मेरी मोहब्बत की हार भी है

Siddharth Saaz
41 Likes

मैं हर शख़्स के चेहरे को बस इस उम्मीद से तकता हूँ
शायद से मुझको दो आँखें तेरे जैसी दिख जाएँ

Siddharth Saaz
37 Likes

मैं घंटों आसमाँ में देखता था
ज़मीं को पीठ के नीचे लगा के

Siddharth Saaz
28 Likes

ये भीतर की सीलन गई ही नहीं
कि मुझ पर हमेशा ही बादल रहे

Siddharth Saaz
33 Likes

मुझसे जो मुस्कुरा के मिला हो गया उदास
ताज़ा हवा की खिड़कियों को जंग लग गई

Siddharth Saaz
34 Likes

उस ख़ूब-रू से रब्त ज़रा कम हुआ मेरा
ये देख कर उदासी मेरे संग लग गई

Siddharth Saaz
19 Likes

गर कोई मुझसे आकर कहता, यार उदासी है
मैं उसको गले लगाकर कहता, यार उदासी है

होता दरवेश अगर मैं तो फिर सारी दो-पहरी
गलियों में सदा लगाकर कहता, यार उदासी है

Siddharth Saaz
42 Likes

चारागरी दिखा तू हमें अपने लम्स की
हमको गले लगा के हमारा इलाज कर

Siddharth Saaz
23 Likes

आने भर की देर नहीं होती घर पर
जाने की तैयारी होने लगती है

Siddharth Saaz
29 Likes

गर ये अच्छी क़िस्मत है तो लानत ऐसी क़िस्मत पर
अपने फोन में देख रहे हैं, बाप को बूढ़ा होते हम

Siddharth Saaz
42 Likes

कभी तो कोसते होंगे सफ़र को
कभी जब याद करते होंगे घर को

निकल पड़ती हैं औलादें कमाने
परिंदे खोल ही लेते हैं पर को

Siddharth Saaz
55 Likes

हमने तुझ पे छोड़ दिया है
कश्ती, दरिया, भँवर, किनारा

Siddharth Saaz
37 Likes

उसी वक़्त अपने क़दम मोड़ लेना
नदी पार से जब इशारा करूँगा

Siddharth Saaz
39 Likes

अब तो दरिया सूख चुका है
अब तो इस शम्मा को बुझा दो

Siddharth Saaz
27 Likes

पलटा दे तक़दीर हमारी
आकर माथा चूम हमारा

Siddharth Saaz
37 Likes

एक उसको ही पता थी मेरी आदत
वो नहीं हँसता था मेरे कहकहे पर

Siddharth Saaz
40 Likes

हर तरफ़ उग आए हैं जंगल हमारी हार के
जीत का कोई भी रस्ता अब नहीं दिखता हमें

Siddharth Saaz
16 Likes

खु़शियाँ बरस पड़ें तो कभी हों उदासियाँ
ये सिर्फ़ तेरे होने न होने की बात है

Siddharth Saaz
35 Likes

ये ख़ुश आँखें किसी दिन रो पड़ेंगी और
किसी दिन मुस्कुराएंगी उदास आँखें

Siddharth Saaz
26 Likes

LOAD MORE