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Aasman Shayari
परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है
ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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अमीर-ए-शहर का रिश्ते में कोई कुछ नहीं लगता
ग़रीबी चाँद को भी अपना मामा मान लेती है
Munawwar Rana
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देख तो दिल कि जाँ से उठता है
ये धुआँ सा कहाँ से उठता है
गोर किस दिल-जले की है ये फ़लक
शो'ला इक सुब्ह यां से उठता है
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Meer Taqi Meer
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आज सड़कों पर लिखे हैं सैकड़ों नारे न देख
पर अँधेरा देख तू आकाश के तारे न देख
Dushyant Kumar
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मोहब्बत है अगर आकाश जैसा
तो मज़हब एक सुपली की तरह है
Saarthi Baidyanath
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रंग लाई है किरन की आ
समाँ से इल्तिमास
चाँद आया है फ़लक से आज आंगन में मिरे
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Kiran K
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सुनाता है समुंदर इक कहानी हर किनारे पर
कभी कोई तो आया था बनाने घर किनारे पर
फ़लक से चाँद उतरा रक़्स करते इस समुंदर में
सितारे देखने आए वही मंज़र किनारे पर
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Raj Tiwari
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ख़ून कम होने लगे मुफ़लिस का तब
जब गगन में मेघ छाने लगते हैं
Sandeep dabral 'sendy'
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ख़ुदा की देन है और ये फ़लक से नाज़िल है
हमारे ग़म को मुसलसल उरूज़ हासिल है
Navneet krishna
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यार आकाश बरसात मत कर अभीसठ के पास गिरवी ज़मीं हैं मिरी
Akash Panwar
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किसी के ग़म में पागल हो गई हैं
हमारी आँखें बादल हो गई हैं
फ़लक से कोई चारा-गर उतारो
ज़मीं पर रूहें घाइल हो गई हैं
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Sanjay shajar
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वहाँ ऊपर ख़ला में कहकशाँ में कौन रहता है
फ़लक के पार जो है उस जहाँ में कौन रहता है
टहल आए हैं वैसे तो बशर हम चाँद तक लेकिन
सवाल अब भी वही है आसमाँ में कौन रहता है
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Mohit Subran
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शोख़ ने क्या ही ज़ुल्फ़ लहराई
अज़-फ़लक बारिशें निकल आईं
Meem Maroof Ashraf
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सफ़र ज़मीं का तमाम होगा सफ़र फ़लक का करूँगा मैं भी
यही तो अब इक ख़ुशी बची है कि एक दिन तो मरूँगा मैं भी
Mohit Subran
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चल आ मैं तुझे चाँद तारे दिखाऊँ
ज़मीं से फ़लक के नज़ारे दिखाऊँ
ABhishek Parashar
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तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म में उलझे हैं वरना
इक दिन हम भी फ़लक पर होते बनके कोई सितारा
Meem Alif Shaz
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अब फ़लक से तो नहीं कोई याँ आने वाला
फिर कोई टकराएगा तुझ से ज़माने वाला
Sohil Barelvi
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तुम को गर आकाश में उड़ना है तो फिर
धरती के लोगों का चक्कर मत काटो
Nirbhay Nishchhal
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है अभी तो परिंदगी ज़िंदा
मैं गगन में उड़ा परिंदा हूँ
Vinod Ganeshpure
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तारे गगन में हैं सभी सच ये नहीं
हम भी सितारे हैं ज़मीं के देख लो
Vinod Ganeshpure
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Falak Shayari
Parinda Shayari
Nature Shayari Collection
Sooraj Shayari