अगर तेरे मेदे में है कुछ गिरानी

तो लेमू का रस पी ले अदरक का पानी
अगर दाँत के दर्द से तू है बेकल
तो सरसों का तेल और सेंधा नमक मल
थकन से अगर तेरे आ'ज़ा हैं ढीले
तो थोड़ा सा तू गुनगुना दूध पी ले
गले में ख़राबी है नज़ले के मारे
तो नमकीन पानी के कर ले ग़रारे
अगर ख़ूँ है कम और बल्ग़म ज़ियादा
तो गाजर भी खा और शलजम ज़ियादा
जिगर ही के दम से है इंसान जीता
जिगर का मरज़ है तो खा ले पपीता
अगर ज़ेहन कमज़ोर रहता है अक्सर
तो खा शहद के साथ बादाम घिस कर
अगर तुझ को एहसास है ज़ोफ़-ए-दिल का
तो हर रोज़ ले आँवले का मुरब्बा

— Kaif Ahmad Siddiqui

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