कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता हैफिर सारे का सारा कैसे हो सकता हैतुझ से जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होतीतेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है— Jawwad Sheikh