ये काएनात
ख़ुदा का आईना है
और मौजूदात
इस का अक्स
अक्स मौजूद का ग़म्माज़
कि वही आईना भी वही अक्स भी
वो ख़ुद को ख़ुद में देखता है
और हर जगह पाता है
वो अपनी ज़ात में
अपने आप में
मसरूर-ओ-मुतमइन है
— Javed Nadeem
ख़ुदा का आईना है
और मौजूदात
इस का अक्स
अक्स मौजूद का ग़म्माज़
कि वही आईना भी वही अक्स भी
वो ख़ुद को ख़ुद में देखता है
और हर जगह पाता है
वो अपनी ज़ात में
अपने आप में
मसरूर-ओ-मुतमइन है
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